ऊर्जा साझेदारी
ओआईएल भारत की सबसे पुरानी और दूसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय ऊर्जा कंपनी है। इसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का महारत्न दर्जा प्राप्त है। यह पूरे देश में ऊर्जा से जुड़े कामों तक पहुंच और विशेषज्ञ क्षमताएँ प्रदान करती है। इसके अलावा, यह सरकार और नियम बनाने वाली संस्थाओं के साथ मजबूत संबंध बनाए रखती है, जिससे व्यवसाय करना आसान होता है।
भारत, वैश्विक कंपनियों के लिए निम्नलिखित अद्वितीय अवसर प्रदान करता है:
- बड़े अपतटीय क्षेत्र सहित अप्रयुक्त और महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन क्षमता
- मजबूत और बढ़ती घरेलू ऊर्जा मांग
- अन्वेषण एवं उत्पादन (ईएंडपी) क्षेत्र के लिए सरकारी सुधारों का समर्थन
- वैश्विक और क्षेत्रीय पहुंच और लाभ के लिए रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंध
ओआईएल ने हाल के वर्षों में सबसे अधिक उत्पादन और राजस्व हासिल किया है और अच्छा वित्तीय और भौतिक प्रदर्शन दिखाया है। इसके अलावा, ओआईएल भारत में अन्वेषण को बढ़ाने में अग्रणी रही है और पिछले 5 वर्षों में अन्वेषण क्षेत्र को 6 गुना बढ़ाया है।
आगे बढ़ते हुए, ओआईएल ने एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इसमें अपतटीय क्षेत्र में अन्वेषण पर ध्यान देना, मुख्य ईएंडपी व्यवसाय को मजबूत रखना और 2030 तक राजस्व को दोगुना करना शामिल है। इसके लिए कुल 1,00,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। ओआईएल ने अपने विकास की रणनीति के भाग के रूप में वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया है।





