कंपनी प्रोफाइल
ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत भारत सरकार का एक उद्यम है। ओआईएल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के अन्वेषण, विकास और उत्पादन में कच्चे तेल के परिवहन, नुमालीगढ़ से सिलीगुड़ी तक उत्पाद परिवहन और इसके उत्पादन के लिए गैस से एलपीजी का उत्पादन करने का कारोबार करता है। ओआईएल भारत और विदेश दोनों में अन्य तेल कंपनियों के साथ जेवी समझौतों और पीएससी के माध्यम से अन्वेषण कार्यकलाप करता है और इस कारोबार में उसे 52 वर्ष का अनुभव है। भारत सरकार ने कंपनी को उसके सतत् प्रदर्शन के लिए अप्रैल 2010 में प्रतिष्ठित नवरत्ने दर्जा प्रदान किया था। ओआईएल के उत्पादन का बड़ा हिस्सा उसके परंपरागत रूप से समृद्ध तेल और गैस क्षेत्र से आया है जो देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में केंद्रित है। नए अवसरों की तलाश में ओआईएल ने उड़ीसा और अंडमान के तटीय / अपतटीय क्षेत्र, राजस्थान के रेगिस्तान, उत्तर प्रदेश के मैदानों, ब्रह्मपुत्र नदी के तटीय क्षेत्र, कृष्णा-गोदावरी बेसिन और अपतटीय सौराष्ट्र में अपने प्रचालनों का विस्तापर किया है। ओआईआईएल ने राजस्थान में 1988 में गैस की खोज की, 1991 में भारी तेल / बिटुमन और 1996 में गैस का उत्पादन शुरू किया था। ऑयल इंडिया लिमिटेड ने एक वैश्वि क कंपनी बनने के अपने विजन को ध्यागन में रखते हुए अन्वेदषण और उत्पा दन के क्षेत्र में कई देशों जैसे लीबिया, गाबन, नाइजीरिया, यमन, सूडान, ईरान, मिस्र, मोज़ाम्बिक, रूस, वेनेजुएला, म्यांामार और बांग्लादेश में अपने उद्यम लगाए हैं।
ओआईएल विभिन्न ईएंडपी से संबंधित सेवाएं भी प्रदान करता है और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) में उसकी 26% इक्विटी तथा ब्रह्मपुत्र क्रैकर्स और पॉलिमर्स लिमिटेड (बीसीपीएल) में 10% इक्विटी हिस्सेदारी और दुलियाजान नुमालीगढ़ पाइपलाइन लिमिटेड (डीएनपीएल लिमिटेड) में 23% इक्विटी हिस्सेदारी है।
एक प्रमुख कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में, ओआईएल संयुक्त राष्ट्र की ग्लोबल कॉम्पैक्ट पहल की सहायता करता है। ओआईएल की अनुकरणीय सामाजिक कल्याण और सामुदायिक विकास की पहल में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे के समग्र विकास के प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिससे इसके प्रचालन क्षेत्रों में और उसके आसपास कई जीवन प्रभावित हुए हैं।
ओआईएल का प्रमुख उद्देश्यि
विश्वआ स्तदर पर तेजी से बढ़ती ऊर्जा कंपनी हितधारकों को मूल्य प्रदान करती है।
ओआईएल का विजन
- ऑयल इंडिया सर्वाधिक लाभप्रदता वाली सबसे तेजी से बढ़ती ऊर्जा कंपनी है।
- ऑयल इंडिया ग्राहकों को गुणवत्ता उत्पाद और सेवाएं प्रतिस्पर्धी कीमतों पर प्रदान करता है।
- ऑयल इंडिया एक सीखने वाला संगठन है, जो सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ पहल, नवाचार और आकांक्षाओं को प्रोत्साइहित कर रहा है।
- ऑयल इंडिया की टीम ईमानदारी, सत्ययनिष्ठाे, पारदर्शिता और आपसी विश्वास के प्रति प्रतिबद्ध है, जो कर्मचारी को गर्व से भर देती है।
- ऑयल इंडिया सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
- ऑयल इंडिया एक ज़िम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक है जो अपने प्रचालन क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
ग्राहकों को उपलब्धर कराए गए सामान और सेवाओं का विवरण
- कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की आपूर्ति
- कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की परिवहन सेवाएं
- नुमालीगढ़ से सिलीगुड़ी तक उत्पाद परिवहन
- कंपनी निम्नलिखित क्षेत्रों में भी उद्यम लगा है
- अक्षय ऊर्जा की आपूर्ति (पवन ऊर्जा)
- ओएफसी और अन्य दूरसंचार बुनियादी ढांचे को पट्टे पर देना
- पाइपलाइन के लिए वार्षिक रखरखाव सेवाएं
- पाइपलाइन के लिए कैथोडिक सुरक्षा सेवाएं
ग्राहक / ग्राहक / समूह का विवरण
ऑयल इंडिया लिमिटेड एक अन्वेथषण और उत्पा दन कंपनी है जो कच्चेन तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन, एलपीजी के उत्पादन, कच्चेख तेल के परिवहन और नुमालीगढ़ से सिलीगुड़ी तक उत्पाद परिवहन का कारोबार करती है जिसकी आम जनता को सीधे तौर पर आपूर्ति नहीं की जाती है। ओआईएल के उत्पादों की आपूर्ति केंद्रीय / राज्य पीएसयू और कुछ अन्य व्यावसायिक संस्थाओं को की जाती है, न कि व्यक्तिगत ग्राहकों को। व्यावसायिक कंपनियों को प्रदान किए गए सामान और सेवाएं सुपरिभाषित करार से अधिशासित होती हैं जो इन संगठनों के पेशेवर विशेषज्ञों की निगरानी में रखी जाती हैं। किसी विवादित मुद्दे का इन करारों के प्रावधानों के अनुसार समाधान किया जाएगा।
ओआईएल का लेनदेन / प्रक्रियाएं, जो आम तौर पर नागरिकों को प्रभावित कर सकती हैं
| क्र.सं. | लेनदेन / प्रक्रियाएं | हितधारक | सेवा मानक |
|---|---|---|---|
| 1 | ओआईएल के प्रचालन जैसे सुरक्षा खतरों, पर्यावरण प्रदूषण, आदि से उत्पन्न बाहरी समस्यानएं | ओआईएल के विस्तारित प्रचालन क्षेत्रों में लोग | ओआईएल पर्यावरण और पारिस्थितिकी के परिरक्षण, सतत विकास, कर्मचारियों, ग्राहकों और अपने परिचालन क्षेत्रों के आसपास के समुदाय का जीवन स्तीर बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसे प्राप्तव करने के लिए ओआईएल ने एक एचएसई नीति और पर्यावरण नीति विकसित की है। सेवा मानक निम्नलिखित संविधानिक प्रावधानों द्वारा शासित होते हैं: (i) राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, असम और बहि:स्राव के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित सहनीय सीमा (ii) पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 और नियम। (iii) पर्यावरण अधिसूचना 2006 (iv) जल अधिनियम और नियम (v) वायु अधिनियम और नियम (vi) बैटरी (प्रबंधन और रखरखाव) नियम, 2001 (vii) नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन और रखरखाव) नियम, 2000 (viii) जैव-चिकित्सा अपशिष्ट (प्रबंधन और रखरखाव) नियम, 1998 (ix) शोर प्रदूषण (विनियमन या नियंत्रण) नियम (x) लोक दायित्व बीमा अधिनियम और नियम, 1991 (xi) ओजोन उपशमन पदार्थ (नियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 (xii)खान अधिनियम, 1952 (xiii)तेल खान विनियमन, 1984 (xiv)ओआईएसडी मानक (xv) कंपनी एसओपी |
| 2 | प्रभावित परिवारों के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया और मुआवजा | दूरभाष : 0361-2643725 भूमि प्रभावित परिवार | ऑयल इंडिया लिमिटेड भूमि अधिग्रहण और मुआवजे का भुगतान ऑयल इंडिया का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है और इसके सेवा मानक निम्नलिखित नियमों और विनियमों द्वारा संचालित होते हैं- क) द्विपक्षीय बातचीत ख) वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के प्रावधानों के तहत वन भूमि का आरक्षण हटाना। ग) असम भूमि और राजस्व विनियम, 1886 के नियम 189/190 के अधीन। घ) वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के अंतर्गत भुगतान मुआवजा ड) भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 |
| 3 | ओआईएल की मौजूदा सीएसआर परियोजनाएं | ओआईएल की मौजूदा सीएसआर परियोजनाओं के लाभार्थी | ओआईएल द्वारा अपने परिचालन क्षेत्रों में और उसके आसपास कई सीएसआर योजनाएं शुरू की गई हैं। इन योजनाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक-आर्थिक विकास के क्षेत्र शामिल हैं और इन्हें समुदायों की विशिष्ट और विकास संबंधी जरूरतों को ध्याइन में रखकर बनाया गया है। ओआईएल द्वारा अपने परिचालन क्षेत्रों में और उसके आसपास कई सीएसआर योजनाएं शुरू की गई हैं। इन योजनाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक-आर्थिक विकास के क्षेत्र शामिल हैं और इन्हेंथ समुदायों की विशिष्ट और विकास संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। ओआईएल की अपने अलग-अलग हितधारकों का ध्याान रखने के लिए एक व्यापक सीएसआर नीति बनाई गई है जिसे इसकी वेबसाइट http://www.oilindia.com/CSR.aspx पर देखा जा सकता है। |
शिकायत निवारण तंत्र
पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायतें नागरिक चार्टर के तहत सार्वजनिक शिकायत अधिकारी को दे सकते हैं। हमें 7 दिनों के अंदर शिकायत मिलने की पुष्टि करेंगे और 30 कार्य दिवसों के भीतर अंतिम उत्तर देने का प्रयास करेंगे। यदि समय पर अंतिम उत्तर देना संभव न हो, तो शिकायतकर्ता को अस्थायी उत्तर दिया जाएगा।
शिकायतकर्ताओं से अपेक्षित मुख्य बातें:
- शिकायत का विषय स्पष्ट होना चाहिए और सभी जरूरी जानकारी दी जानी चाहिए।
- शिकायतकर्ता का पूरा पता, फोन नंबर, ईमेल आदि दिया जाना चाहिए।
- तीसरे पक्ष के प्रश्न सामान्य प्रकृति के होने चाहिए, जो आम जनता को प्रभावित करते हों।
- गुमनाम, मामूली या परेशान करने वाली शिकायतें, या ओआईएल के कर्मचारियों (सेवाकालीन या सेवानिवृत्त) से जुड़ी सेवा संबंधी शिकायतें स्वीकार नहीं की जाएंगी।
जन शिकायत अधिकारियों की भूमिका और उत्तकरदायित्वर
- हर शिकायत को निष्पक्ष, उद्देश्यपरक और न्यारयोचित तरीके से निपटाना और हर शिकायत को रद्द करने के लिए तर्कसंगत ढंग से उत्तwर देना।
- प्रत्येक शिकायत याचिका के प्राप्त होने के सात दिनों के अंतर उसकी प्राप्तित भेजना, जिसमें इस पर कार्रवाई करने वाले अधिकारी का नाम, पदनाम और टेलीफोन नंबर दर्शाया जाना चाहिए। शिकायत 30 दिनों की समय सीमा के अंतद निपटायी जानी चाहिए। यदि निर्धारित समय के अंदर अंतिम उत्तर भेजना संभव न हो, तो शिकायतकर्ता को अंतरिम उत्तर दिया जाएगा।
- जिस शिकायत को शिकायत अधिकारी के स्तर पर हल न किया जा सकता हो, को जल्द ही सक्षम प्राधिकारी के ध्यान में लाया जाना चाहिए।
- जन शिकायतों की निगरानी और उनके निवारण के लिए एक एमआईएस प्रणाली विकसित की जानी चाहिए।
- जन शिकायत अधिकारी (पीजीओ) बार-बार आने वाली शिकायतों के क्षेत्रों की पहचान करेगा और उसके मूल मे निहित समस्या का विश्लेषण करेगा। समस्या क्षेत्रों की पहचान में मदद करने के लिए प्राप्त जन शिकायतों का विश्लेषण करें, जिनमें सेवाओं की डिलीवरी को आसान और अधिक तेज़ बनाने के लिए नीतियों और प्रक्रियाओं में संशोधन किया जा सकता है।
- संगठन को और अधिक हितधारक-अनुकूल बनाने के लिए प्रक्रियाओं में आवश्यक परिवर्तनों की सिफारिश करने के लिए हितधारक इंटरफेस के क्षेत्रों की जांच करना।
- निर्णय लेने की नीति बनाने की प्रक्रिया में शिकायत के निवारण के एकीकरण को सक्षम करना।
जन शिकायत अधिकारियों का विवरण
| क्र.सं | क्षेत्र | जन शिकायत अधिकारी (पदनाम) | संपर्क विवरण |
|---|---|---|---|
| 1 | क्षेत्रीय मुख्यालय, दुलियाजान और पूर्वोत्तर क्षेत्र के परिचालन क्षेत्र - परिचालन बाह्यता | महाप्रबंधक (एचएसई) | श्री अजय कुमार आचार्य, ऑयल इंडिया लिमिटेड पीओ.: दुलियाजान, जिला: डिब्रूगढ़, असम-786602 मोबाइल नं.9435039020, ajaya_acharya[at]oilindia[dot]in |
| 2 | क्षेत्रीय मुख्याालय, दुलियाजान और पूर्वोत्त र क्षेत्र में परिचालन क्षेत्र - भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया | उप महाप्रबंधक (भूमि) | श्री दीपू हजारिका, ऑयल इंडिया लिमिटेड पीओ: दुलियाजान, जिला: डिब्रूगढ़, असम-786602, मोबाइल नं. 943503948, dipu_h(at)oilindia(dot)in |
| 3 | पूर्वोत्तर क्षेत्र में क्षेत्रीय मुख्या लय, दुलियाजान और परिचालन क्षेत्र - सीएसआर गतिविधियां। | उप महाप्रबंधक (सीएसआर) | श्री दिलीप कुमार दास, ऑयल इंडिया लिमिटेड पीओ: दुलियाजान, जिला: डिब्रूगढ़, असम-786602, मोबाइल नं.9435039040 dk_das(at)oilindia(dot)in |
| 4 | गुवाहाटी पाइपलाइन मुख्यालय और पाइपलाइन प्रभाग के अंतर्गत सभी पाइपलाइन प्रचालन क्षेत्र। | मुख्यन प्रबंधक (संपर्क और समन्वय) | श्री जयंत बरुआ, ऑयल इंडिया लिमिटेड पीओ. उद्यान विहार, गुवाहाटी, असम-781171 मोबाइल नं.9435348638, jayantabarua(at)oilindia(dot)in |
| 5 | जोधपुर और जैसलमेर और राजस्थान राज्य में प्रचालन क्षेत्र | मुख्यर प्रबंधक (प्रशासन और ईआर) | श्री मधुर्जया बरुआ, ऑयल इंडिया लिमिटेड, 2-ए जिला शॉपिंग सेंटर, सारस्वुत नगर, बसनी, जोधपुर राजस्थान- 342005, मोबाइल नं.9954194320 madhurjya (at)oilindia(dot)in |
| 6 | आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले का तटीय ब्लॉक और पुडुचेरी (यूटी) | बीएस राव, प्रशासनिक अधिकारी | श्री बी.एस. राव, ऑयल इंडिया लिमिटेड द्वार सं. 11-4-7 नुक्कलममा मंदिर स्ट्रीट रामारोपेट, काकीनाडा - 533004 आंध्र प्रदेश bayyas_rao (at)oilindia(dot)in Mobile No. 994559557 |
| 7 | कलकत्ता शाखा कार्यालय | मुख्य प्रबंधक (सामग्री) | श्री अंगुशमान रॉय चौधरी, ऑयल इंडिया लिमिटेड, आईसीसी बिल्डिंग, 4, इंडिया एक्सचेंज प्लेस, चौथी मंजिल, कोलकाता-7001001 मोबाइल नं.9954485507, archoudhury(at) oilindia(dot)in |
| 8 | कॉरपोरेट कार्यालय | उप महाप्रबंधक (प्रशासन) | श्री सुशील कुमार सिंह, ऑयल इंडिया लिमिटेड प्लॉट नं. 19, सेक्टर 16ए, नोएडा -010101, उ.प्र. मोबाइल नं.9811476262, sushil_singh(at)oilindia(dot)in |
नागरिक चार्टर की समीक्षा
हितधारकों से प्राप्त अनुभव और प्रतिक्रिया के आधार पर चार्टर की समय-समय पर समीक्षा की जा सकती है। सांविधिक आवश्यकताओं में किए जाने वाले किसी भी संशोधन / परिवर्तन को चार्टर में संशोधन करते समय ध्यान में रखा जाएगा।