गौरवशाली यात्रा
1953
स्वतंत्र भारत में हाइड्रोकार्बन की पहली खोज नहरकटिया में की गई थी।
इसके बाद 1891 में नियमित रूप से तेल की खुदाई शुरू हुई। आज़ाद भारत में पहली बार तेल और गैस 1953 में असम के नाहरकटिया में मिली। इसके बाद 1956 में मोरान में भी खोज हुई। आज़ादी के बाद भी कई वर्षों तक तेल उद्योग विदेशी कंपनियों के नियंत्रण में रहा। बर्मा ऑयल कंपनी (बीओसी) अपने कामकाज के अंत तक भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी बनी रही।