राष्ट्रीय विरासत, कला और संस्कृति के संरक्षण के लिए आवश्यकता-आधारित विभिन्न गतिविधियाँ की जाती हैं। इनमें पारंपरिक कला और हस्तशिल्प का विकास, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियाँ, संगीत, नाटक, रंगमंच, नृत्य आदि को प्रोत्साहन देना शामिल है, जिससे विभिन्न लोगों और पूरे समाज को फायदा मिलता है।