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Health

ओआईएल स्पर्श

ओआईएल स्पर्श परियोजना की स्थापना 1980 के दशक की शुरुआत में हुई थी। इसका उद्देश्य डिब्रूगढ़ जिले के दूरदराज़ के क्षेत्रों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के माध्यम से मोबाइल मेडिकल सेवाएँ देना था। समय के साथ इसका असम के तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, चरैदेओ और अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिलों में विस्‍तार किया गया। यह परियोजना गैर-संक्रामक, दीर्घकालिक और सामान्य बीमारियों के निदान और इलाज, लैब टेस्ट, मुफ्त दवाइयाँ, और जीवन-शैली रोगों पर काउंसलिंग और जागरूकता अभियान जैसी सेवाएँ प्रदान करती है। कोविड-19 महामारी के दौरान, ओआईएल स्पर्श टीम ने उन क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य सेवाएँ और काउंसलिंग प्रदान की, जहाँ बुनियादी चिकित्सा सुविधाएँ कम थीं। वित्तीय वर्ष 2021–22 में इस परियोजना ने 2016 मोबाइल स्‍वास्‍थ्‍य शिविर आयोजित किए, जिससे 1,46,249 मरीजों को लाभ मिला।

ओआईएल आरोग्य

ओआईएल आरोग्य परियोजना की शुरुआत 2012-13 में हुई थी। इस परियोजना का उद्देश्य शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम करना और मातृ–शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, पानी और स्वच्छता को बढ़ावा देना है। यह परियोजना स्वास्थ्य सुधार और सही स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए जरूरत के अनुसार काम करती है। इसे असम के तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ जिलों में लागू किया गया है और इसमें प्रसव से पहले और बाद की जांच, नैदानिक परीक्षण, मातृ और शिशु स्वास्थ्य और संस्थागत प्रसव के लाभों के बारे में जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा साहित्‍य क्लबों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, जिसमें गर्भवती महिलाएँ, आशा कार्यकर्ता, ओआईएल आरोग्य टीम, सरकारी स्वास्थ्य प्रदाता और अन्य सेवा प्रदाता शामिल हैं, ताकि मातृ और शिशु स्वास्थ्य में मदद मिल सके।

ओआईएल शक्ति

ओआईएल शक्ति परियोजना का उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़ी गलत धारणाओं को खत्म करना है, क्योंकि ये अक्सर हानिकारक प्रथाओं को जन्म देती हैं जो मातृ और शिशु मृत्यु दर को बढ़ाती हैं। यह परियोजना ग्रामीण महिलाओं द्वारा चलाई जाने वाली एक सामुदायिक पहल है और इसमें सैनिटरी नैपकिन का उत्पादन, वितरण और जागरूकता बढ़ाना शामिल है। यह एक पूरा समूह आधारित समाधान है जो स्वास्थ्य के साथ-साथ उत्पादन, जागरूकता और वितरण में लगी महिलाओं को आजीविका प्रदान करने में भी मदद करता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में ओआईएल के संचालन क्षेत्रों में कुल 7,490 पैक (प्रत्येक में 8 नग) सैनिटरी नैपकिन वितरित किए गए।

अन्य स्वास्थ्य पहल

उपर्युक्त प्रमुख कार्यक्रमों के अलावा, कंपनी ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और लोगों तक पहुँच बढ़ाने के लिए कई अन्य स्वास्थ्य पहलें भी शुरू कीं। इनमें से एक बड़ी पहल देश के 9 अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र लगाना और उन्हें चालू करना थी।

इनमें शामिल हैं:

  1. संयुक्त जिला अस्पताल, कौशांबी, उत्तर प्रदेश
  2. एम.सी. सिंह जिला अस्पताल, भदोही, उत्तर प्रदेश
  3. पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, पटना, बिहार
  4. नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, पटना, बिहार
  5. अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, गया, बिहार
  6. जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, मधेपुरा, बिहार
  7. वर्धमान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, पावापुरी (नालंदा), बिहार
  8. विशिष्‍ट कोविड अस्पताल, पासीघाट, अरुणाचल प्रदेश
  9. पुलिस रेफरल अस्पताल, चुमुकेडिमा, डिमापुर, नागालैंड

इन संयंत्रों से कुल 17,150 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सकता है। इसके अलावा, ऑक्सीजन सिलेंडर भरने के लिए तीन ऑक्सीजन बूस्टर जिला अस्पताल चांगलांग, जिला अस्पताल नमसाई और टीआरआईएचएमएस नाहरलागुन, अरुणाचल प्रदेश में लगाए और चालू किए गए।

कंपनी ने अस्थायी कोविड देखभाल सुविधाएँ स्थापित करने में सहयोग किया। इसमें गुवाहाटी में डीआरडीओ द्वारा स्थापित मेगा कोविड केयर सेंटर भी शामिल है। आपात स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कंपनी ने एम्बुलेंस दान कीं। कोविड को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। संचालन क्षेत्रों और आसपास के जरूरतमंद लोगों को जरूरी सामान और कोविड केयर किट वितरित की गईं।