ओआईएल सुपर 30
ओआईएल सुपर 30 कार्यक्रम की स्थापना 2010-11 में गुवाहाटी, असम में की गई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मुफ़्त आवासीय कोचिंग और शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रदान करना है, ताकि वे इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जैसे आईआईटी-जेईई की तैयारी कर सकें और उत्तीर्ण हो सकें। समय के साथ, इस कार्यक्रम का विस्तार छह जिलों में किया गया है: असम में गुवाहाटी, जोरहाट, डिब्रूगढ़, नागांव, अरुणाचल प्रदेश में इटानगर और राजस्थान में जोधपुर। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को 11 महीने की मुफ्त आवासीय कोचिंग और शैक्षणिक मार्गदर्शन दिया जाता है, जो उन्हें देश के शीर्ष इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाने में मदद करता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में, इन छह केंद्रों में कुल 200 छात्रों को कोचिंग दी गई, जिनमें 150 छात्र जेईई और 50 छात्र नीट के लिए थे। पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में, जेईई के लिए प्रशिक्षित 169 छात्रों में से 62 छात्रों ने प्रतिष्ठित आईआईटी में और 107 छात्रों ने विभिन्न एनआईटी एवं अन्य प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला प्राप्त किया।
ओआईएल दिख्या
ओआईएल दिख्या परियोजना की शुरुआत 2012-13 में की गई थी। यह परियोजना तिनसुकिया, डिब्रूगढ़ और चारईदेव जिलों के ग्रामीण स्कूलों में तकनीक आधारित शिक्षा प्रदान करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार, स्कूल छोड़ने की दर घटाना, और उनके समग्र विकास को बढ़ावा देना है। यह लक्ष्य कंप्यूटर शिक्षा, मूल्य संवर्धित शिक्षा और सहायक शिक्षण के माध्यम से प्राप्त किया जाता है, जो कक्षा VI से VIII के छात्रों के लिए 30 सरकारी स्कूलों में लागू है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में इस परियोजना से कुल 6,840 छात्रों को लाभ मिला। यह परियोजना भारत सरकार के डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लक्ष्य और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य सं. 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का संवर्धन) के अनुरूप है।