वैकल्पिक ऊर्जा
ऑयल इंडिया लिमिटेड वैकल्पिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की खोज करके अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है, जो सतत विकास और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दर्शाता है। कंपनी स्वच्छ, नवीकरणीय विकल्पों की ओर बढ़ने के लिए सौर और पवन ऊर्जा के साथ-साथ अन्य ऊर्जा प्रबंधन संसाधनों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इन नई प्रौद्योगिकियों में निवेश करके और उन्हें अपने पारंपरिक प्रचालन के साथ जोड़कर, ओआईएल का लक्ष्य अपने कार्बन उत्सर्जन को कम करना, भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों का समर्थन करना और अधिक स्थिर ऊर्जा भविष्य सुरक्षित करना है। यह दृष्टिकोण ओआईएल को न केवल वैश्विक पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप बनने में मदद करता है बल्कि इसे बदलते ऊर्जा क्षेत्र में एक दूरदर्शी कंपनी के रूप में स्थापित करता है।

188.1 मेगावाट स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता: इसमें 174.1 मेगावाट पवन और 14 मेगावाट सौर परियोजनाएं शामिल हैं।
राष्ट्रव्यापी प्रभाव: हमारी परियोजनाएं कई राज्यों जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, असम में फैली हुई हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करती हैं।
सकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव: हम अपने कार्बन उत्सर्जन को कम कर रहे हैं और भारत के नेट-ज़ीरो लक्ष्यों में योगदान दे रहे हैं।

राष्ट्रीय मिशन के अनुरूप हरित हाइड्रोजन उत्पादन में अग्रणी पहल: ऑयल इंडिया लिमिटेड (ऑयल) असम के जोरहाट स्थित अपनी इकाई में 100 किलोवाट क्षमता वाले भारत के पहले AEM तकनीक आधारित ग्रीन हाइड्रोजन (जीएच2) संयंत्र के साथ अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जो राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के उद्देश्यों के साथ पूर्णतः संरेखित है।
हाइड्रोजन फ्यूल सेल वाहनों को बढ़ावा: ऑयल ने अपने स्टार्टअप कार्यक्रम “एसएनईएच” के माध्यम से भारत की पहली 9-मीटर हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन (एफसीईवी) बस के विकास में सहयोग किया। यह शून्य-उत्सर्जन बस 60 किलोवाट क्षमता वाले PEM फ्यूल सेल इंजन से संचालित है, जिसे भारत ऊर्जा सप्ताह 2023 में स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाई गई।

ऑयल वर्तमान में पूरे भारत में 25 (पच्चीस) संपीड़ित बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की परियोजना पर कार्य कर रहा है। इन संयंत्रों की योजना इस प्रकार बनाई गई है कि वे नगर ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू), कृषि अपशिष्ट तथा अन्य उपयुक्त जैविक सामग्रियों सहित विभिन्न प्रकार के फीडस्टॉक का उपयोग कर सकें।